हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस के पूछताछ के बाद 20 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। युवक की मौत के बाद मृतक की मां ने लखनपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने प्रधान आरक्षक पर कार्यवाही की मांग की थी। इस मामले को बढ़ता देख एसपी सरगुजा योगेश पटेल ने प्रधान आरक्षक पन्नालाल एक्का को लाइन अटैच कर दिया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम जुडवानी चुकंनडांड सेमरपारा निवासी 20 वर्षीय युवक आशीष मिंज पिता स्वर्गीय फूलचंद मिंज ने घर के समीप आम पेड़ में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना की सूचना पर लखनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा हैं कि नवंबर 2024 में मृतक आशीष मिंज के घर में 16 किशोरी संध्या कुमारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी वहीं युवक ने भी कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया था उपचार के बाद युवक स्वस्थ होकर अपने घर लौट आया था।मृतिका संध्या कुमारी के मौत को लेकर शंका जाहिर करते हुए उसके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इसकी शिकायत की थी। शिकायत के बाद लखनपुर पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी और नोटिस देकर अलमा मिंज उसके पुत्र आशीष मिंज को पूछताछ के लिए लखनपुर थाने पूर्व में बुलाया गया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान मामला दबाने को लेकर प्रधान आरक्षक पन्नालाल एक्का ने ₹50000 की मांग की थी। जिसकी शिकायत अलमा मिंज के द्वारा लखनपुर प्रशिक्षु आईपीएस से गई थी वही बावजूद इसके पुनः पूछताछ के लिए अलमा मिंज और आशीष मिंज को प्रधान आरक्षक के द्वारा लखनपुर थाने बुलाया गया था और पुलिस थाने के ऊपर के कमरे में पूछताछ किया जा रहा था इसी दौरान बाइक चोरी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे युवकों के द्वारा आशीष मिंज के साथ मारपीट किया था। युवक को शाम 7:00 बजे पूछताछ कर छोड़ा गया जिसके बाद युवक अपनी मां के सामने बहुत रोने लगा। युवक द्वारा अपनी मां को पूछताछ के दौरान उसके साथ हुए मारपीट के बारे में जानकारी दी गई और खाना पीना खाकर रात में सो गए और आज सुबह घर के ही समीप फांसी के फंदे पर उसका शव झूलता हुआ मिला।
वही इस मामले में प्रधान आरक्षक पन्नालाल का कहना हैं कि कोरबा जिले की रहने वाली युवती संध्या मिंज उम्र 16 वर्ष जो अपने मौसी के घर अंबिकापुर रहती थी। आशीष मिंज के घर पर विगत माह पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों के द्वारा मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की थी। जिसके बाद पुलिस के द्वारा जांच किया जा रहा था पूछताछ के लिए आशीष मिंज और उसकी मां अलका मिंज को बुलाया गया था। कई बार बुलाने के बाद भी नहीं आने पर नोटिस देकर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। जिसके बाद उन्होंने पैसे का ऑफर देकर मामले को रफा दफा करने की बात कही थी। परंतु मेरे द्वारा आशीष मिंज और उसकी मां अलका मिंज पति स्व फूल चंद मिंज को पुलिस का सहयोग करने की बात कही गई थी और युवक से कोई मारपीट नहीं की गई है। उनके द्वारा जो भी आरोप मुझ पर लगाया जा रहे हैं सब आरोप बेबुनियाद है।
