हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र अम्बिकापुर : फर्जी चांदसी दंपत्ति के खिलाफ हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित समाचार के कारण चांदसी दंपत्ति की बौखलाहट सामने आ रही है। बौखलाहट में बौराए दम्पत्ति द्वारा हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र के नाम को धूमिल करने का प्रयत्न किया जा रहा है। हिंद स्वराष्ट्र के खिलाफ झूठे आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया गया है। साथ ही अपने चाटुकारों,तुच्छ ऐसे पत्रकारों से हिंद स्वराष्ट्र और हिंद स्वराष्ट्र के प्रधान संपादक और संपादक के खिलाफ झुठ्ठी खबरे उनके पोर्टलों में प्रकाशित करवाई जा रही है। जिनके पास खुद सरकार द्वारा किसी भी प्रकार के न्यूज चलाने की मान्यता प्राप्त नही है। बिट्टू सिंह राजपूत नामक व्यक्ति द्वारा हिंदुस्तान पथ नामक अपने पोर्टल में हमारे खिलाफ अनाप-शनाप बिना तथ्यों के खबर लगाई जा रही है साथ ही हम पर अनेक प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं वही दूसरे पत्रकार डॉ प्रताप नारायण सिंह द्वारा हमारे खिलाफ अपने वेब पोर्टल इंडियन रिपब्लिक न्यूज़ में बिना आधार और बिना किसी सबूत के केवल वैमनस्यता के आधार पर न्यूज़ लगाया जा रहा है, जिनका उद्देश्य केवल फर्जी चांदसी डॉक्टर दंपत्ति की चाटुकारिता और जी हजूरी करना है। ऐसे लोग अपने आपको पत्रकार बताते हैं जिनको इतनी भी समझ नहीं है कि वे वेब पोर्टल गिरोह हमें बोल रहे हैं जिनके वेब पोर्टल का खुद किसी भी सरकारी कार्यालय में पंजीयन नहीं है हिंद स्वराष्ट्र न्यूज वेब पोर्टल ना होकर एक समाचार पत्र है तथा HINDSWARASHTRA.COM हमारे समाचार पत्र का वेबसाइट है जो जनसंपर्क कार्यालय में भी पंजीकृत है।
तथाकथित इन तुच्छ मानसिकता के पत्रकारों द्वारा किसी भी महिला के बारे में यह कहना कि महिला होने के नाते पैसे की कमी होने पर किसी को भी दुराचार के आरोप में थाने बैठा सकती है, उनकी घटिया परवरिश को दर्शाता है या फिर यह हो सकता है कि वह अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा कर रहे हो, यह उसकी तुच्छ, छोटी और गिरी हुई मानसिकता को दर्शाती है। ऐसे गिरे हुए लोग समाज में पत्रकारों के भेष में अपनी घटिया सोच और मानसिकता का प्रचार करने वाले निकृष्ट प्रजाति के लोग हैं वे लोग हैं जिनको महिलाओं का सम्मान करना नहीं आता और ऐसे लोगों के चलते ही महिलाओं का समाज में आगे बढ़ना बाधित होता है और वह चारदीवारी में घुटने के लिए मजबूर होती है।
आपको बता देंगे फर्जी चांदसी डॉक्टर अमूल्य चंद्रा द्वारा थाने में हिंद सौराष्ट्र न्यूज़ के खिलाफ आवेदन दिया गया है जिसमें लिखा गया है की उनके बेटे और बहू द्वारा क्लिनिक को संचालित किया जाता है जबकि अमूल्य चंद्रा के बेटे अमित मंडल द्वारा स्वयं का डेंटल क्लिनिक गांधीनगर अंबिकापुर में संचालित किया जाता है तथा बहू नाइस मंडल जोकि बीएएमएस है, सवाल यह उठता हैं की जब बीएएमएस को एलोपैथिक दवाई देने या एलोपैथिक इलाज का कोई अधिकार नहीं होता ऐसे में उनके द्वारा जो क्लीनिक संचालित की जा रही है वह कानूनी तरीके से सही कैसे हो सकती है।
हमारे द्वारा प्रकाशित समाचार में अमूल्य चंद्रा और उनकी पत्नी के खिलाफ समाचार लिखा गया था जिसके पूरे साक्ष्य हमारे पास मौजूद है।
पत्नी अगर पंजीकृत है तो अपने आवेदन में पत्नी के प्रमाण पत्र क्यों नहीं किए गए पेश?
आपको बता दें कि अमूल्य चंद्रा की पत्नी द्वारा एक महिला के इलाज का वीडियो हमारे पास है जिसमें महिला महिला रोगों के इलाज के लिए चंद्र पॉलीक्लिनिक जाती है जहां अमूल्य चंद्र की पत्नी द्वारा महिला का इलाज किया जाता है साथ ही दवाइयां भी दी जाती है और इंजेक्शन लगवाने की भी बात कही जाती है ऐसे में सवाल यह उठता है कि महिला रोग विशेषज्ञ की तरह अमूल्य चंद्र की पत्नी कैसे किसी महिला का इलाज कर सकती है।
फर्जी चांदसी अमूल्य चंद्रा बना बाल रोग विशेषज्ञ
फर्जी चांदसी अमूल्य चंद्रा जिसके पास किसी प्रकार के कोई भी मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट नहीं है जिससे वह किसी का इलाज कर सके तो उसके द्वारा छोटे बच्चे का इलाज कैसे किया गया? हमारे पास मौजूद वीडियो में अमूल्य चंद्रा बच्चे का इलाज करते हुए नजर आ रहा है जिसमें वह बाल रोग विशेषज्ञ बनकर बच्चे का इलाज कर रहा है उसे मेडिसिन दे रहा है साथ ही उसके द्वारा किए गए इलाज की पर्ची भी उसके द्वारा दी गई है ऐसे में सवाल यह उठता है कि पर्ची लिखने का अधिकार अमूल्य चंद्रा को किसने दिया..? देखें वीडियो
फर्जी चांदसी महिला प्रधान संपादक और उसके पति को डराने धमकाने की कोशिश कर रहा है जिसके लिए उसने अपने गुर्गे लगा रखे हैं जो पत्रकार के भेष में गुंडे हैं और गुंडागर्दी के साथ ही लोगों को डराने धमकाने का काम करते हैं और फर्जी चांदसी को बचाने का प्रयास करते हैं।
हिंद स्वराष्ट्र न्यूज़ ऐसे गुर्गों और पत्रकार के भेष में वैमनस्यता करने वाले चाटुकार पत्रकारों से विचलित होने वाले नहीं है। इलाज के नाम पर लूटने वाले एवं उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले फर्जी डॉक्टरों की सच्चाई सामने लाने का हमारा अभियान हमेशा जारी रहेगा और ऐसे फर्जी और निकृष्ट तुच्छ मानसिकता के लोगों से हम भयभीत नहीं होंगे।
